प्रतिमा या चित्र की स्थापना:- जिस देवता से संबंधित मंत्र का जप कर रहे हैं, उनकी प्रतिमा या चित्र अपने सामने रखें। जप आरंभ करने से पहले देवता की पूजा करें। अनुष्ठान के दौरान दिनचर्या नियमित रखें और आलस्य से बचें। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, तांत्रिक साधना https://laxmi39664.onzeblog.com/39656709/the-best-side-of-siddh-yogiyon-aur-aghori-parampara-se-nikle-hue-shabd-hote-hain-jo-seedha-energy-ko-command-karte-hain