गौरोचन की सहायता से भोजपत्र पर लिखें और फिर सदाबहार फूलों के वृक्ष के नीचे शाम के समय गाड़ दें. विमोह जोगनामोह सर्व मोग्या था था थाह स्वाहा हे गौरी शंकरार्धांगिं! यथा त्वं शंकरप्रिया। Even with its contradictory nature which has subjected would be to be the topic of taboo https://nowbookmarks.com/story19204587/mahakal-things-to-know-before-you-buy